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सक्ती - सांसद होने के बाद भी कमलेश जांगड़े को नही आता यह काम , इस काम को ना सीखे तो बेहतर

सक्ती - सांसद होने के बाद भी कमलेश जांगड़े को नही आता यह काम , इस काम को ना सीखे तो बेहतर
सक्ती 01 जनवरी 2025 - छोटे से गांव की पंचायत से देश की सबसे बड़ी पंचायत तक का सफर तय करने वाली जांजगीर चाम्पा लोकसभा सांसद कमलेश जांगड़े अपनी सहज और सौम्य छवि के लिए जानी जाती है। परिस्थिति कुछ भी हो सांसद महोदया के चेहरे से मुस्कुराहट कभी गायब नही होती है। सांसद जैसे बड़े पद पाने के बाद भी कमलेश जांगड़े को अहंकार छू कर भी नही गया।

चाहे वो सांसद का निवास हो या फिर किसी गाँव का चौपाल जिस किसी ने भी सांसद कमलेश जांगड़े से जो मांगा उसे कही बढ़ कर उसे मिला मतलब यह कि कमलेश जांगड़े को लोगो को झूठा आश्वासन देना या किसी कार्य के लिए चक्कर कटवाना नही आता है। या यूं कहा जा सकता है कि ये काम उन्होंने सीखा ही नही है।

यही वजह है कि 30 दिसंबर को उनके जन्मदिन पर बधाई देने वालो का तांता अल सुबह से देर रात तक लगा रहा। लोगो की माने तो सांसद महोदया की सहृदतया काबिले तारीफ है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी उन्हें मिडिया का सहयोग नही मिलना कही ना कही उनकी कमजोरी को दर्शाता। 

अब इसे मैनेजमेंट की कमी कहे या फिर लापरवाही जो भी हो लेकिन इस तरफ सांसद महोदया को ध्यान देना जरूरी है। ऐसे में उन्हें यह समझना होगा कि सिर्फ होर्डिंग लगाने या मीडिया के कुछ लोगो को साथ रख कर बाकी के चार साल का सफर तय नही किया जा सकता है।