सक्ती 31 जुलाई 2025 - जब से सक्ती को जिले का दर्जा मिला है शहर की हालत बद से बदतर हो गई है। अधिकारी आम जनता की सुनते नही और जन प्रतिनिधि कही नजर आते नही। चाहे वो बड़े अधिकारी हो या निचले तबके के कर्मचारी हो सब के सब बे-लगाम हो गए है। शहर के 25 हजार लोगों को बिजली, पानी, नाली, सड़क जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है।
कही पर भी शिकायत लेकर जाओ कार्यवाही होती नही है। अवैध शराब , गांजा , जुआ और सट्टा मानो सामान्य ब्यापार हो गए है। अवैध कारोबारियों को किसी ना किसी का संरक्षण मिला हुआ है ऐसे में आम जनता त्रस्त हो चुकी है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रख कर cgwebnews.in 01 अगस्त से एक नया सीरीज " खामोश अभी साहब सो रहे है" कि शुरुआत करने जा रहा है।
अपने इस सीरीज में हम रोज देर रात एक-एक कर सभी विभाग के अधिकारियों तक अपने अंदाज में आम लोगों की समस्या और शहर व सरकारी दफ्तरों में चल रहे गोरखधंधे को उजागर करेंगे। आप सभी पाठकों से अपील है कि शहर और जिले की जो भी समस्या आपकी जानकारी में हो उसे प्रूफ के साथ हमे 9827961864 पर वाट्सएप करे।
आपकी इन समस्याओं को हम अपनी वेबसाइट cgwebnews.in के जरिये प्रमुखता से उठा कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को कुम्भकर्णी नींद से जगाने की कोशिश करेंगे। हो सके तो इन खबरों को अधिक से अधिक शेयर करे और हमारे न्यूज ग्रुप से जुड़े।